क्या है चमकी बुखार - चमकी बुखार या इन्सेफेलाइटिस दिमाग की सूजन है जिसमे रोगी को तेज बुखार के साथ सिरदर्द होता है और दिमाग का कामकाज प्रभावित...
क्या है चमकी बुखार -
चमकी बुखार या इन्सेफेलाइटिस दिमाग की सूजन है जिसमे रोगी को तेज बुखार के साथ सिरदर्द होता है और दिमाग का कामकाज प्रभावित होता है। इस संक्रमण से रोगी का शरीर अचानक सख्त हो जाता है और मस्तिष्क व शरीर में ऐठन शुरू हो जाती है। आम भाषा में इसी ऐठन को चमकी कहा जाता है।
ये एक संक्रामक बीमारी है इस बीमारी के वायरस शरीर में पहुंचते ही खून में शामिल होकर अपना प्रजनन शुरू कर देते है। शरीर में इस वायरस की संख्या बढ़ने पर ये खून के साथ मिलकर व्यक्ति के मस्तिष्क तक पहुंच जाते है मस्तिष्क में पहुंचने पर ये वायरस कोशिकाओं में सूजन पैदा कर देते है। जिसकी वजह से शरीर का सेन्ट्रल नर्वस सिस्टम ख़राब हो जाता है।
चमकी बुखार के लक्षण -
चमकी बुखार में बच्चो को लगातार तेज बुखार रहता है बदन में ऐठन होती है। बच्चे दांत पर दांत चढ़ाये रहते है कमजोरी की वजह से बच्चा बार -बार बेहोश हो जाता है यहाँ तक की शरीर भी सुन्न हो जाता है और बच्चे को थकान ,सिरदर्द ,मांसपेशिया में दर्द ,उलटी ,बेचैनी ,कम दिखाई देना आदि लक्षण हो सकते है।
चमकी बुखार से बचाव -
1.बुखार आने पर सबसे पहले अपने बच्चो को धुप से दूर रखे।
2.पानी अधिक से अधिक पिलाये।
3.हल्का भोजन ही दे,जंक फ़ूड बिलकुल ही मत दे।
4.खाली पेट लीची न खिलाये।
5.अपने घर के आस पास पानी ना जमा होने दे,कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करे।
6.अपने बच्चो को सड़े -गले या देर से कटे फल का सेवन न कराये,ताजा फल ही खिलाये।
7.शरीर में पानी की कमी न होने दे ,स्वस्थ दशा में भी हर दो घंटे में जलजीरा मिस्रित निम्बू चीनी का घोल पिलाते रहे।
सावधानी -
गर्मी के मौसम में फल और खाना जल्दी ख़राब होता है घरवाले इस बात का ख्याल रखे की बच्चे किसी भी हाल में जूठे और सड़े हुए फल नहीं खाये। बच्चो को गंदगी से बिलकुल दूर रखे। खाने से पहले और खाने के बाद हाथ जरूर धुलवाए। साफ़ पानी पिए,बच्चो के नाखून नहीं बढ़ने दे।

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